ए-हसीन मेरा गुलाब कबूल कर,

ए-हसीन मेरा गुलाब कबूल कर,
हम तुमसे बेइन्तहा इश्क़ करते हैं,

अब नहीं इस ज़माने की परवाह हमको,
हम अपने इश्क़ का इज़हार करते हैं,

तुम नादानी समझो या शैतानी हमारी,
हम हर घडी तेरा इंतजार करते हैं |

Happy Rose Day

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टूटा हुआ फूल खुशबू दे जाता हैं
बिता हुआ पल यादें दे जाता हैं
हर शख्स का अपना अंदाज़ होता हैं
कोई ज़िन्दगी में प्यार तोह..
कोई प्यार में ज़िदंगी दे जाता हैं |


Wish You Prosperous Rose Day


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