Jindagi Ki Kasauti Se Shayari ज़िंदगी की कसौटी से

Jindagi Ki Kasauti Se Shayari
Jindagi Ki Kasauti Se Shayari
 
ज़िंदगी की कसौटी से हर रिश्ता गुज़र गया
कुछ निकले खरे सोने के , कुछ का पानी उतर गया.

ज़िंदगी की कसौटी से हर रिश्ता गुज़र गया. कुछ निकले खरे सोने के , कुछ का पानी उतर गया.

Treading

#Chutkule

Padoshan Chutkula पड़ोसन - आपकी नई बहू कैसी है ? सास - बहुत मेहनत करती है, इतनी गर्मी में भी दिन-रात लगी रहती है, कैंडी क्रश के 452 लेवल पर पहुंच गई है। व्हाट्सएप पर 25 ग्रुप चलाती है, फेसबुक पर 5 हजार फ्रेंड और 10 हजार फॉलोवर हैं। 16 ग्रुप की एडमिन है और 36 पेज चला रही है। सोच रही हूं सुबह दूध के साथ बादाम देना शरू कर दूं और तरक्की करेगी।

More Posts